ये हिंदुस्तान है जहाँ दुश्मन मे भी यार देखा जाता हैI
और नाख़ून काटने से पहले भी वार देखा जाता हैI
यहाँ एक दो के मरने से हमला वीभत्स नहीं होता,
पैमाने के तौर पर लाशों का अम्बार देखा जाता हैI
दफ्तरों मे तुम्हारी बात का वजन देखने वाला कोई नहीं है,
वहाँ तुम्हारे कागजों पर रखा कागजों का भार देखा जाता हैI
वतन पर खून बहाने से पीछे हटने वालो को भी,
मजहब के नाम पर खून बहाने को तैयार देखा जाता हैI
हमे अपनी आँखों पर अब भरोसा कम ही रहा,
जो कुछ दिखाया जाता है वही हर बार देखा जाता हैI
मेरी आँखों की दुनिया अब तुम्ही तक सिमट गयी,
जिन आँखों से अक्सर ये संसार देखा जाता हैI
कवि शशि प्रकाश
संपर्क सूत्र 9799691367
और नाख़ून काटने से पहले भी वार देखा जाता हैI
यहाँ एक दो के मरने से हमला वीभत्स नहीं होता,
पैमाने के तौर पर लाशों का अम्बार देखा जाता हैI
दफ्तरों मे तुम्हारी बात का वजन देखने वाला कोई नहीं है,
वहाँ तुम्हारे कागजों पर रखा कागजों का भार देखा जाता हैI
वतन पर खून बहाने से पीछे हटने वालो को भी,
मजहब के नाम पर खून बहाने को तैयार देखा जाता हैI
हमे अपनी आँखों पर अब भरोसा कम ही रहा,
जो कुछ दिखाया जाता है वही हर बार देखा जाता हैI
मेरी आँखों की दुनिया अब तुम्ही तक सिमट गयी,
जिन आँखों से अक्सर ये संसार देखा जाता हैI
कवि शशि प्रकाश
संपर्क सूत्र 9799691367
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