देखो देखो सत्ता आई
संग अपने खुशियां लाई
पाँच साल गिन गिन काटे
एक एक दिन दुर्दिन लागे
करते रहे हम रोज विलाप
अब करेंगे भोग विलास
हर एक वोटर का तलवा चाटा
शराब पिलाई नोट बांटा
सेवक बनने का किया ढोंग
देश भक्ति के गाए सोंग
नापे हर दुकान और हर ठेले
जाने कितने कितने पापड़ बेले
तब जाकर मिला हमको शासन
अब बनेंगे हम दुशासन
कुर्सी आई बंगला आया
लालबत्ती अलबत्ता आई
देखो देखो सत्ता आई
अब हम राजा भोज बनेंगे
भ्रष्टाचार के नए खोज करेंगे
डबल करेंगे अपनी पगार
और खाकर नहीं लेंगे डकार
गरीबों का निवाला लेंगे छीन
क्योंकि आ गए हमारे अच्छे दिन
अब स्विस बैंक में खाता होगा
जिसमे पेटी खोखा जाता होगा
कुर्सी पर हमको जमना होगा
और घोटाला सौ करोड़ से कम ना होगा
अपनों में रेवड़ियां हम खुद बाँटेंगे
अपना थूका हुआ हम खुद चाटेंगे
पाँच साल मार रहे थे मक्खियां
अब हमारी भी महत्ता आई
देखो देखो सत्ता आई
देखो देखो सत्ता आई
संग अपने खुशियां लाई
कवि शशि प्रकाश
संपर्क सूत्र 9799691367
संग अपने खुशियां लाई
पाँच साल गिन गिन काटे
एक एक दिन दुर्दिन लागे
करते रहे हम रोज विलाप
अब करेंगे भोग विलास
हर एक वोटर का तलवा चाटा
शराब पिलाई नोट बांटा
सेवक बनने का किया ढोंग
देश भक्ति के गाए सोंग
नापे हर दुकान और हर ठेले
जाने कितने कितने पापड़ बेले
तब जाकर मिला हमको शासन
अब बनेंगे हम दुशासन
कुर्सी आई बंगला आया
लालबत्ती अलबत्ता आई
देखो देखो सत्ता आई
अब हम राजा भोज बनेंगे
भ्रष्टाचार के नए खोज करेंगे
डबल करेंगे अपनी पगार
और खाकर नहीं लेंगे डकार
गरीबों का निवाला लेंगे छीन
क्योंकि आ गए हमारे अच्छे दिन
अब स्विस बैंक में खाता होगा
जिसमे पेटी खोखा जाता होगा
कुर्सी पर हमको जमना होगा
और घोटाला सौ करोड़ से कम ना होगा
अपनों में रेवड़ियां हम खुद बाँटेंगे
अपना थूका हुआ हम खुद चाटेंगे
पाँच साल मार रहे थे मक्खियां
अब हमारी भी महत्ता आई
देखो देखो सत्ता आई
देखो देखो सत्ता आई
संग अपने खुशियां लाई
कवि शशि प्रकाश
संपर्क सूत्र 9799691367